Manipur: मणिपुर में हिंसा से जुड़े वीडियो-फोटोज शेयर करने पर रोक, कुछ भी सोशल मीडिया पर डाला तो होगी जेल, गृह विभाग का आदेश

Manipur Violence: मणिपुर की सरकार ने इंटरनेट पर जारी पाबंदी और 5 दिनों तक बढ़ाने का आदेश दिया है. सोशल मीडिया पर हिंसा से संबंधित कंटेंट शेयर करने वालों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

Manipur Violence Content Sharing Banned: पिछले 5 महीने से जातीय हिंसा की आग में जल रहे मणिपुर की सरकार किसी भी सूरत में नए सिरे से हिंसा भड़कने से रोकने के लिए सजग है. बुधवार (11 अक्टूबर) को राज्य सरकार ने अपने नए आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि सूबे में कहीं भी हिंसा का वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करने वालों पर कार्रवाई होगी. ऐसे किसी भी कंटेंट शेयरिंग पर पाबंदी लगाई गई है.

इसके साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवा पर भी लगी पाबंदी को और 5 दिनों तक जारी रखने के आदेश दिए गए हैं. तीन दिन पहले ही कूकी-जोमी व्यक्ति को जलाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर वायरल हुआ था, जिसके बाद राज्य सरकार ने ये फैसला लिया है. राज्य सरकार ने कहा है कि वह हिंसा की तस्वीरें और वीडियो सर्कुलेट करने वाले लोगों पर मामला दर्ज करेगी और मुकदमा चलाएगी.

IT एक्ट और IPC के तहत होगी कार्रवाई

राज्य के गृह विभाग के माध्यम से बुधवार को जारी राज्यपाल के एक आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार हिंसक गतिविधियों के फोटो और वीडियो को “बहुत गंभीरता से और अत्यंत संवेदनशीलता के साथ” लेती है. ऐसी चीज शेयर करने की वजह से दोबारा भीड़ इकट्ठा हो सकती है और सरकारी संपत्ति अथवा जान माल का नुकसान हो सकता है. इससे राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है.

आदेश में कहा गया है कि सरकार ने राज्य में सामान्य स्थिति लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में ऐसे वीडियो-फोटो के सर्कुलेशन पर पाबंदी का फैसला किया है. इसमें कहा गया है कि ऐसी तस्वीरें या वीडियो अगर किसी व्यक्ति के पास हैं तो उसे निकटतम पुलिस अधीक्षक से संपर्क करना चाहिए और उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए जमा करना चाहिए, लेकिन अगर वे सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी तस्वीरें शेयर करते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ प्रासंगिक प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और मुकदमा चलाया जाएगा.

इसमें यह भी कहा गया है कि जो लोग “हिंसा/नफरत भड़काने के लिए टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग करते हुए पाए जाएंगे, उनपर आईटी अधिनियम और आईपीसी के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज होगा.

मोबाइल इंटरनेट सेवा भी 5 दिनों के लिए

बुधवार को एक अलग आदेश में, राज्य सरकार ने राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अगले 5 दिनों के लिए निलंबित कर दिया. आदेश में कहा गया कि “ऐसी आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व हिंसा की तस्वीरें, हेट स्पीच और घृणास्पद वीडियो के प्रसारण के लिए बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते हैं. इसके पहले गत 6 अक्टूबर को एक आदेश में हिंसा ग्रस्त मणिपुर में इंटरनेट पर लगी पाबंदी 11 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दी गई थी. अब यह पाबंदी 16 अक्टूबर तक लागू रहेगी.

3 मई से जारी है हिंसा 

आपको बता दें कि मणिपुर में 3 मई को बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों की सीमा से लगे इलाकों में ईसाई कूकी समुदाय की आदिवासी एकजुटता मार्च के दौरान हिंसा की शुरुआत हुई थी. करीब 5 महीने से अधिक का वक्त गुजर चुका हैं लेकिन हालात नहीं संभल रहे हैं. कम से कम 175 लोगों के मारे जाने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है, जबकि 50000 लोग विस्थापित हैं.

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