Explainer: विजय की एंट्री से फीका ना पड़ जाए BJP का साउथ ड्रीम, DMK-AIADMK भी सकते में

South Politics: हमेशा सितारों से सजी रही तमिलनाडु की राजनीति में एक और एंट्री हो रही है. अभिनेता विजय के आगमन से पार्टियों के नफा-नुकसान का आंकलन करना जरूरी है. उनके ऐलान पर पार्टियों ने स्वागत जरूर किया है, ऐसा ही स्वागत रजनीकांत और कमल हसन के लिए भी हुआ था. लेकिन विजय का मामला कुछ अलग है जिसे समझा जाना चाहिए.

Actor Vijay Entry In Politics: तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय बाद कोई बड़ा फिल्म स्टार चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है. अभिनेता विजय ने 2026 के विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने की घोषणा कर दी है. हालांकि वह इस लोकसभा चुनावों में किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे. विजय का यह कदम तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को बदल देगा, लेकिन यह कितना बड़ा बदलाव होगा, यह अभी कहना मुश्किल है. अभी के लिए, उनका लक्ष्य अपने प्रशंसकों, खासकर युवाओं को राजनीतिक रूप से प्रेरित करना और उन्हें 2026 के चुनावों के लिए तैयार करना है.

विजय के ऐलान का विश्लेषण करने से पहले यह समझ लेना जरूरी है कि 1960 के दशक में कांग्रेस से सत्ता हासिल करने वाली द्रमुक यानि कि डीएमके को कई विरोधियों का सामना करना पड़ा है. राज्य की राजनीति में जगह बनाने वाले लगभग सभी राजनेता किसी न किसी समय द्रमुक के विरोध में खड़े हुए थे. लेकिन विजय का ऐलान सिर्फ वहां की पार्टियों के लिए ही नहीं बल्कि बीजेपी के लिए भी अलर्ट है. 

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