विदेश में बसे खालिस्तानियों पर भारत का कसता शिकंजा, कनाडा के नरम पड़ते तेवर- जानें अब तक की अहम बातें

नई दिल्ली. कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की हत्या के मसले पर वहां के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) की बयानबाजी के बाद भारत ने अपना रुख कड़ा कर लिया है. भारत ने विदेशी धरती से खालिस्तान के मुद्दे को हवा देने वालों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 19 गैंगस्टरों और खालिस्तानी समर्थकों की एक लिस्ट जारी की है. इन सभी की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही एनआईए ने पंजाब पुलिस से फर्जी पासपोर्ट के सहारे विदेश भागने वालों की पूरी जानकारी मांगी है. भारत ने कनाडा से साफ कहा है कि वहां पर कट्टरपंथी तत्वों की हरकतों पर अंकुश लगाए.

इसके बाद कनाडा को हकीकत समझ में आ गई. कनाडा के एक गुरुद्वारे में भारतीय राजनयिकों की हत्या की अपील वाले पोस्टर हटा दिए गए. कनाडा के रक्षा मंत्री बिल ब्लेयर ने कहा कि भारत के साथ रिश्ते बहुत अहम हैं. कनाडा के रक्षा मंत्री बिल ब्लेयर ने कहा कि खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच जारी रहने तक उनका देश इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसी साझेदारियों को आगे बढ़ाना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारे संबंधों के बारे में यह एक चुनौतीपूर्ण मुद्दा हो सकता है और ये ऐसा साबित भी हुआ है. ब्लेयर ने आगे कहा कि इंडो-पैसिफिक रणनीति अभी भी कनाडा के लिए अहम है. जबकि ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को सिख अलगाववादी नेता निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ भूमिका के ट्रूडो के विस्फोटक आरोपों के बाद भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ गया है.

भारत ने वीजा सेवाओं को निलंबित किया
भारत ने प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के सरगना निज्जर को 2020 में आतंकवादी घोषित किया था. भारत ने इन आरोपों को ‘बेतुका’ और ‘प्रेरित’ कहकर खारिज कर दिया. इस मामले में ओटावा के एक भारतीय अधिकारी को देश से बाहर करने के बदले में भारत ने एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को बाहर कर दिया. गुरुवार को भारत ने कनाडा से अपनी धरती से सक्रिय आतंकवादियों और भारत विरोधी तत्वों पर सख्ती बरतने को कहा और कनाडाई लोगों के लिए वीजा सेवाओं को निलंबित कर दिया. निज्जर की हत्या पर दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने उनके संबंधों को अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया है.

कनाडा बना आतंकियों की पनाहगाह
भारत ने कनाडा पर आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह होने का भी आरोप लगाया. भारत ने कनाडा से देश में अपने राजनयिक कर्मचारियों की संख्या कम करने के लिए भी कहा. भारत ने कहा कि राजनयिकों की संख्या और रैंक में बराबरी होनी चाहिए. भारत में कनाडा के राजनयिक कर्मचारियों की संख्या भारत के कनाडा में राजनयिकों की संख्या से काफी ज्यादा है. इस बीच यूनाइटेड हिंदू फ्रंट ने रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कनाडा के पीएम ट्रूडो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. जिसमें ट्रूडो के भारत विरोधी खालिस्तानियों के कथित समर्थन और संरक्षण पर नाराजगी जाहिर की गई.

जयशंकर ने किया कटाक्ष
न्यूयॉर्क में मौजूद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कनाडा पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया. जयशंकर ने अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला देकर कनाडा में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों का बचाव करने वाले ट्रूडो के बयानों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आजादी के नाम पर बहुत सारी चीजें की जाती हैं. गौरतलब है कि भारत खालिस्तानी आतंकवादियों के ओसीआई कार्ड रद्द करने पर विचार कर रहा है. एनआईए ने कनाडा में रह रहे आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की संपत्तियों को जब्त कर लिया है. सरकार ने जांच एजेंसियों से विदेश में बैठे भारत में वांछित अन्य आतंकवादियों की संपत्तियों की पहचान करने के लिए कहा है.

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