‘मोदी नहीं होते तो हम आपके सामने खड़े नहीं होते’, कतर से रिहाई पर बोले नेवी के पूर्व अफसर

Former Navy Veterans Freed: एक पूर्व नेवी अफसर का कहना है कि हमने भारत आने के लिए डेढ़ साल का इतंजार किया है. इसके लिए हम पीएम मोदी के बेहद आभारी है. उनके हस्तक्षेप के बिना ये संभव नहीं हो पाता.

कतर में मौत की सजा पाने वाले आठ पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को रिहा कर दिया गया है, जिनमें से सात सोमवार (12 फरवरी) तड़के भारत लौट आए हैं. कतर से वापस भारत आने के बाद सभी ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि उनकी कोशिशों की वजह से ही आज हम अपने वतन वापस लौट सके हैं.

कतर से भारत लौटने के बाद पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों ने ‘भारत माता की जय’ नारे लगाए. इस दौरान एक पूर्व नौसेना कर्मी ने एएनआई से बातचीत में कहा कि हमने भारत आने के लिए डेढ़ साल का इतंजार किया है. इसके लिए हम पीएम मोदी के बेहद आभारी है. उनके हस्तक्षेप के बिना ये संभव नहीं हो पाता.

दूसरे पूर्व नौसेना कर्मी का कहना है कि यह भारत सरकार के निरंतर प्रयासों के बाद ही संभव हो पाया है. अगर पीएम मोदी हस्तक्षेप न करते तो हमारा यहां खड़ा होना संभव नहीं था. हम पीएम मोदी के तहे दिल से आभारी हैं.

इसके अलावा अन्य भारतीय नौसेना कर्मी का कहना है कि हम भारत लौटने के बाद काफी खुश हैं. अगर पीएम मोदी दखल न देते तो ये पॉसिबल न हो पाता. इसके साथ ही उन्होंने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी का शुक्रियादा किया

कतर के आठ भारतीय पूर्व नौसेना अधिकारियों में कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कैप्टन नवजेत सिंह गिल, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा और नाविक रागेश गोपाकुमार के नाम शामिल हैं. इन सभी को अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था.

विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘भारत सरकार कतर में हिरासत में लिए गए अल-दहरा ग्लोबल कंपनी के लिए काम करने वाले आठ भारतीय नागरिकों की रिहाई का स्वागत करती है. उनमें से आठ में से सात भारतीय सुरक्षित भारत लौट आए हैं.

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