फेसबुक से दोस्ती और फिर प्यार… प्रेमी विशाल से शादी के लिए खुशबू बानो ने तोड़ दी मजहब की दीवार, लिए 7 फेरे

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के संत रविदास नगर की रहने वाली मुस्लिम युवती ने अपने हिंदू प्रेमी को पाने के लिए मजहब की दीवार तोड़ दी. खुशबू बानो ने बरेली निवासी प्रेमी विशाल से शादी के लिए हिंदू धर्म अपना लिया और फिर मंदिर में 7 फेरे लिए. हालांकि अब उसे परिवार वालों से हत्या करने का डर भी सता रहा ही.

  • बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली से 500 किलोमीटर की दूर संत रविदास नगर की खुशबू बानो को विशाल कुमार से सोशल मीडिया के जरिए प्यार हो गया था. फिर अपने प्यार की खातिर उसने अपना घर छोड़कर बरेली आकर अपने प्रेमी के साथ विवाह कर लिया. दोनों की दोस्ती चार साल पहले फेसबुक पर हुई थी.  करीब 520 किमी का सफर कर खुशबू बुधवार को बरेली पहुंचीं और अपने प्रेमी के साथ शादी कर ली.
  • संत रविदास नगर की मुस्लिम युवती खुशबू बानो ने धर्म परिवर्तन कर बरेली के भोजीपुरा इलाके के विशाल कुमार से विवाह कर लिया. खुशबू और विशाल की दोस्ती चार साल पहले फेसबुक के जरिये हुई थी. खुशबू विशाल से करीब तीन वर्ष बड़ी भी है. पंडित केके शंखधार ने मढ़ीनाथ के एक आश्रम में दोनों का विवाह कराया. खुशबू बानो ने बताया कि फेसबुक पर उनकी दोस्ती भोजीपुरा के पीपलसाना निवासी विशाल से हुई थी. कुछ समय बाद दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए और फिर घंटों तक बात होने लगी. धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई.
  • दो अलग-अलग धर्मों का मामला होने के चलते दोनों के परिवारों में सहमति से शादी की उम्मीद नहीं थी. इसलिए खुशबू अपना घर छोड़कर बरेली आकर आचार्य केके शंखधार के सामने गंगाजल और गोमूत्र से शुद्धिकरण कराया. इसके बाद मंदिर में सात फेरे लिए. आचार्य ने बताया कि धर्म परिवर्तन के बाद खुशबू बानो का मूल नाम खुशबू ही रहेगा.
  • विवाह के दौरान हिंदू संगठन के कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे. खुशबू ने बताया कि विशाल से शादी की जानकारी के बाद उनके परिवार के लोग ही दुश्मन बन गए हैं. आशंका है कि वे उनकी और उनके पति की हत्या करा सकते हैं. शादी के बाद नव दंपती ने एसएसपी कार्यालय में पत्र देकर सुरक्षा की मांग की है.
  • खुशबू ने बताया कि उसकी हिंदू देवी-देवताओं में आस्था शरुआत से रही है. मुगल काल में उनके पूर्वजो ने इस्लाम धर्म अपना लिया था. खुशबू ने कहा कि इस्लाम धर्म में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है. तीन तलाक, हलाला जैसी कुप्रथायें हैं. मैं स्वेच्छा से घर वापसी कर हिन्दू धर्म अपना रही हूं.

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