खतरनाक रास्तों से अमेरिका में घुसने की कोशिश, हिरासत में लिए गए बीते एक साल में 97 हजार भारतीय

पिछले कुछ सालों में लगातार भारतीय अमेरिका और कनाडा में बसने की ख्वाहिश लिए अवैध रास्तों को अपना रहे हैं. ऐसे में कुछ तो इन कोशिशों में कामयाब होते हैं तो कई भारतीयों को पकड़ लिया जाता है.

अमेरिका और मैक्सिको में अवैध रूप से घुसने वाले भारतीयों की संख्या में पिछले कुछ सालों की अपेक्षा 2022-23 में खासी बढ़ोतरी देखी गई है. यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (यूसीबीपी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2022 से सितंबर 2023 के बीच अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करते समय रिकॉर्ड 96, 917 भारतीयों को पकड़ा गया है.

रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 30,010 भारतीयों को कनाडा और 4,770 भारतीयों को मैक्सिको की सीमा पर पकड़ा गया. वहीं बाकियों को दूसरी जगहों से पकड़ा गया है. अमेरिकी एजेंसियों ने ये आंकड़ा उस वक्त जारी किया है जब गुजरात पुलिस अवैध तरीकों से अमेरिका में प्रवेश करने वालों की जांच कर रही है. इसके अलावा अमेरिका जाने के दौरान लापता हुए 9 भारतीयों का मामला भी हाईकोर्ट में लंबित है.

अमेरिकी सीमा में अवैध रूप से घुसने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी
पिछले कुछ समय से लगातार विदेश में रहने का क्रेज बढ़ रहा है. वहां अच्छे जीवन की तलाश में कई भारतीय बसना चाहते हैं. हालांकि इसके लिए कुछ सही तरीके का सहारा लेते हैं तो कुछ अवैध रूप से वहां बसने की कोशिश करते हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 में अवैध रूप से अमेरिकी सीमा में प्रवेश करने वाले भारतीयों की संख्या 19,883 थी. जो 2021 में 30,662, 2022 में 96, 917 और अब यानी 2023 में पांच गुना बढ़कर 96,917 हो गई है.

अब तक ये आशंका जताई जा रही थी कि ज्यादातर भारतीय मैक्सिको की सीमा के जरिए अमेरिका में प्रवेश करते हैं, लेकिन यूसीबीपी द्वारा जारी आंकड़ों में कुछ अलग ही तस्वीर निकलकर सामने आती है कि ये अमेरिका में घुसने के दूसरे रास्ते भी अपनाते हैं. ऐसे में अमेरिका में घुसने में सफल रहे जिन भारतीयों को पुलिस ने पकड़ा है यदि उन्हें भी जोड़ा जाए तो इनकी कुल संख्या और भी अधिक हो सकती है.

मैक्सिकों के अलावा अपनाए जाते हैं ये रास्ते
अमेरिकी राजनीतिज्ञ और ओक्लाहोमा में वरिष्ठ संयुक्त राज्य में सीनेटर के रूप में कार्यरत जेम्स लैंकफोर्ड ने इस मुद्दे पर कहा, “ये लोग निकटतम एयरपोर्ट के जरिए मैक्सिको तक पहुंचने के लिए फ्रांस जैसे देशों से होकर लगभग चार उड़ानें लेते हैं और फिर सीमा तक किराया देकर किसी बस से जाते हैं.”

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक लैंकफोर्ड कहते हैं कि इस साल अब तक हमारे पास भारत से 45,000 लोग आए हैं जो हमारी दक्षिणी सीमा पार कर चुके हैं. कार्टेल का भुगतान कर चुके हैं और हमारे देश में प्रवेश कर चुके हैं. मुझे अपने देश में भारत से डर लग रहा है.

बता दें लैंकफोर्ड इस बात को कई बार बोल चुके हैं कि मैक्सिकों में अपराधिक गिरोह दुनियाभर के प्रवासियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं. वो लोगों को आसानी से वहां रहने का लालच देते हैं और लोगों को अपनी ओर रिझाते हैं.

बहुत छोटे हैं आंकड़े
वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया ने गुजरात पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि अमेरिका की ओर से जारी किए गए ये आंकड़े सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा हैं, क्योंकि अगर एक व्यक्ति सीमा पर पकड़ा जाता है, तो उसके सामने से बिना पकड़े गए दस लोग पार हो जाते हैं. इस रिपोर्ट में लिखा गया कि भारत से अवैध रूप से अमेरिका जाने वाले ज्यादातर लोग गुजराती और पंजाबी हैं.

सबसे ज्यादा सिंगल एडल्ट पकड़े गए
कनाडा और मैक्सिको सीमा पर पकड़े गए लोगों को चार श्रेणियों में बांटा गया है. जिसमें नाजायज बच्चे, परिवार के सदस्यों वाले बच्चे, पूरा परिवार और एकल वयस्क शामिल हैं. 2022-23 में सीमा पर पकड़े गए लोगों में सबसे ज्यादा संख्या सिंगल एडल्ट्स की है. जो लगभग 84 हजार है. इसके अलावा 730 अकेले बच्चों को भी हिरासत में लिया गया है. 

9 लोग गवां चुके हैं जान
इस तरह अवैध रूप से किसी देश की सीमा में प्रवेश करना काफी कठिन होता है. जहां कटीले तारों और रपटीले रास्ते पर लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है. पिछले दो सालों में अवैध रूप से अमेरिका में घुसने की कोशिश करने में कुल 9 गुजरातियों ने अपनी जान गंवाई है. 

सबसे गंभीर मामलों में से एक गुजरात के गांधीनगर के निवासी बृजकुमार यादव का था. जो दिसंबर 2022 में ट्रम्प की दीवार को पार करके अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस दौरान वो अपने बच्चे को गोद में लिए हुए तिजुआना के मैक्सिकन हिस्से में गिर गए और उनकी जान चली गई. वहीं उनकी पत्नी पूजा सैन डिएगो में अमेरिकी सीमा पर 30 फीट नीचे गिर गईं. परिणामस्वरूप, उनके तीन वर्षीय बच्चे को अप्रवासन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की हिरासत में रखा गया.

अवैध प्रवेश का प्रयास करने वाले परिवारों से जुड़ी दुखद घटनाओं और इस मुद्दे से निपटने के लिए गुजरात पुलिस और भारतीय, अमेरिकी और कनाडाई एजेंसियों के प्रयासों के बाद भी अवैध तरीके से अमेरिका में घुसने वालों की संख्या में साल दर साल वृद्धि हो रही है.

क्या है कारण?
कुछ समय पहले एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें ये बताया गया था कि धार्मिक उत्पीड़न, नौकरी की कमी और अच्छे जीवन की उम्मीद लिए बड़ी संख्या में भारतीय अवैध रूप से अमेरिका और कनाडा पहुंच रहे हैं.

वहीं इस रिपोर्ट के अनुसार, पिछले अक्टूबर से सितंबर तक भारत से लगभग 42,000 लोगों ने अवैध रूप से अमेरिका की दक्षिणी सीमा पार की है. ये संख्या पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा है. इस साल सिर्फ सितंबर में 8,076 भारतीयों को विभिन्न मार्गों से अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया.     

यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के आंकड़ों से पता चलता है कि कुल संख्या में से 3,059 भारतीयों को अकेले यूएस-कनाडा सीमा से गिरफ्तार किया गया था.           

पकड़े जाने पर क्या करते हैं लोग
गुजरात पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार अमेरिका की सीमा पर पकड़े गए भारतीयों को आंकड़े हजारों में हो सकते हैं, लेकिन निर्वासित यानी देश से निकाले गए लोगों की संख्या अपेक्षाकृत सीमित होती है.

इसकी वजह ये भी है कि सीमा पर पकड़े गए लोग अक्सर आत्मसमर्पण की अपील करते हैं और वहां अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था करते हैं. ऐसे लोगों को अमेरिका में वर्ग परमिट और एक सामाजिक सुरक्षा कार्ड भी दिया जाता है. वहीं उनकी शरण का मामला अदालत में चल रहा होता है. ऐसे में उन लोगों को कानूनी रूप से अमेरिका में काम करने की परमिशन मिल जाती है.

इसके अलावा अमेरिकी आव्रजन अदालतों में शरण मामलों के भारी बैकलॉग के कारण एजेंट लोगों को ये कहकर भी बरगलाते हैं कि शरण मामले का फैसला होने में कम से कम पांच साल का समय लग जाएंगे. ऐसे में एक अवैध अप्रवासी तब तक वहां रह सकता है और काम कर सकता है.        

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