क्या है पाकिस्तानी सेना का नया हथियार ‘अबाबील’, इस शब्द के पीछे का मतलब और मकसद क्या है? 

पाकिस्तान ने हाल ही में ‘अबाबील’ मिसाइल का परीक्षण किया है. इस मिसाइल सिस्टम के जरिए पाकिस्तान भारत के डिफेंस सिस्टम एस-400 का सामना करने का दावा कर रहा है.

पाकिस्तान सेना ने’अबाबील’ हथियार प्रणाली का सफल परीक्षण कर लिया है. इस परीक्षण का उद्देश्य हथियार प्रणाली के विभिन्न उप-प्रणाालियों के विभिन्न डिजाइन, तकनीकी मापदंडों और प्रदर्शन मूल्यांकन को फिर से मान्य करना था. अबाबील पाकिस्तान की जमीन से जमीन पर मार करने वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी रेंज 2200 किलोमीटर बताई जा रही है. 

इसके अलावा अबाबील मिलाइल का पहला उद्देश्य भारत के एस-400 मिसाइल डिफेंस का सामना करना है.  बताया जा रहा है कि ये मिसाइल परंपरागत और परमाणु हमला करने में सक्षम है.

क्या है अबाबील वेपन सिस्टम?
पाकिस्तान ने इस नए वेपन सिस्टम का नाम ‘अबाबील’ रखा है, जिसका अर्थ होता है एक विशेष काली चिड़िया. जिसका घोषित उद्देश्य भारतीय बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना करना है. सैद्धांतिक रूप से देखें तो इस मिसाइल का उपयोग तब किया जा सकता है जब किसी दुश्मन देश के परमाणु हथियारों को नष्ट करना हो.  पाकिस्तान की अबाबील मिसाइल की लंबाई 21.5 मीटर और व्यास 1.7 मीटर है. वहीं इसे पारंपरिक और परमाणु हथियार दोनों ही हथियारों को ले जाने के लिए भी इस मिसाइल को डिजाइन किया गया है.

पाकिस्तान के पीएम और राष्ट्रपति की खुशी का नहीं ठिकाना
मिली जानकारी के मुताबिक इस लॉन्च इवेंट को ज्वांइट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा, स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन और स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ स्ट्रैटेजिक संगठनों के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने देखा है. 

 बयान जारी कर बताया गया है कि राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी, कार्यवाहक प्रधान मंत्री अनवारुल हक कक्कड़ और सेवा प्रमुख इस उपलब्धि को लेकर बहुत खुश हैं.  बता दें पाकिस्तान की ये अबाबील मिलाइल उसकी ड्रोन सीरीज का ही एक पार्ट है. पाकिस्तान में जब पहली अबाबील मिसाइल लॉन्च की गई थी तब इसका नाम देश के कबिलाई इलाके में स्थानीय लोगों द्वारा रखा गया था.

इससे पहले पाकिस्तान में ‘अबाबील’ नाम से जिन ड्रोन को डिजाइन किया गया था अब उसी के नाम से ‘अबाबील’ मिसाइल बनाई गई है. इस मिसाइल का मकसद भारत की जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों को टक्कर देना है.

इसके अलावा अबाबील फाइव ड्रोन पांच किलो तक वजन उठा सकता है और इस में दो मोर्टार गोल लोड किए जा सकते हैं. पहला मोर्टार एमएस और दूसरा 18 एमएम का गोला है. ये अबाबील मिलाइल से इतर 30 किलो की रेंज में उड़ान भर सकता है.

अबाबील वी-5 को पेश करते हुए पाकिस्तान आर्डिनेंस फैक्ट्री में ड्रोन यूनिट के प्रमुख रियाज अहमद ने बीबीसी से हुई बातचीत में ये कहा था कि अबाबील सीरीज के ये ड्रोन स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए हैं और सभी ड्रोन दिन और रात दोनों में अभियान चलाने में सक्षम हैं. इसकी क्षमता को बताते हुए उन्होंने कहा था कि अबाबील फाइव ड्रोन पांच किलो वजन तक उठा सकता है.

साथ ही ये वर्टिकली कहीं भी टेक ऑफ और लैंड कर सकता है. ये एक हाई-स्पीड ड्रोन है जो 120 प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है और दो से तीन घंटे तक निगरानी रख सकता है. इसमें स्टोरेज क्षमता भी है और ये पांच किलोग्राम गोला-बारुद ले जा सकता है, जिसका इस्तेमाल किसी भी लक्ष्य को निशाना बनाने में किया जा सकता है.

पाकिस्तान के हथियार खरीदते हैं ये देश
पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में से एक है जो सैन्य हथियार बनाता है बेचता है और खरीदता भी है. दावा है कि 16  से ज्यादा देशों में पाकिस्तान के इजाद किए गए हथियारों को एक्सपोर्ट किया गया है. जिनमें बांग्लादेश, श्रीलंका, मध्य एशिया के देश, मलेशिया, अफ्रीका में अल्जीरिया, कांगो, दक्षिणी अमेरिकी देश पेरू जैसे देश शामिल हैं. पाकिस्तान ऑर्डनेंस ने ये भी दावा किया था कि  पिछले साल चालीस से अधिक देशों को तीस करोड़ डॉलर के हथियार बेच चुका है.

बार-बार से बौखलाया है पाकिस्तान

दरअसल जब 1965 के युद्ध में पाकिस्तान को भारत से हार मिली थी उस वक्त के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने कहा था, “हम भले ही दूब-घास खाएं या फिर भूखे मर जाएं, पर अगर भारत परमाणु बम तैयार करता है, तो हम अपना बम बनाने में कतई पीछे नहीं हटेंगे.” इस बयान के लगभग 30 साल बाद पाक ने 1998 में अपना पहला परमाणु टेस्ट किया था और अब पाकिस्तान एक न्यूक्लियर ताकत है. 

बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट ने कुछ समय पहले ‘पाकिस्तान न्यूक्लियर हैंडबुक 2023’  नामक शिर्षक से एक रिपोर्ट पेश की थी. इस रिपोर्ट के पास पाकिस्तान के पास इस वक्त लगभग 170 परमाणु हथियार हैं. 

साल 2022 के बाद से इस संख्या में बढ़ोतरी हुई है और यदि पाकिस्तान इसी तरह अपने हथियारों के जखीरे में बढ़ोतरी करता रहे तो साल 2025 आने तक उसके पास लगभग 200 परमाणु हथियार हो जाएंगे.

हालांकि अपने परमाणु हथियारों के जखीरे पर पाकिस्तान ने चुप्पी साध रखी है. जिसके बाद ‘फेडरेशन ऑफ अमेरिकन सांइटिस्ट’ के शोधकर्ताओं ने इस जिम्मेदारी को निभाते हुए सैटेलाइट इमेजरी के जरिए पाकिस्तान के थलसेना और वायुसेना अड्डों का मुआयना करके पता लगाया और उसकी पोल खोल दी.

इस खोज में उन्हें इस बात का पता चला कि सेना के हथियार और डिलीवरी उपकरण में तो इजाफा हुआ है ही साथ ही आणविक सामग्री उत्पादन उद्योग में भी बढ़ोतरी हुई है.

इसी साल जून में छपी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान और चीन ने लगभग 40 हजार करोड़ रुपए के समझौते पर दस्तखत किए हैं, इस योजना के अनुसार दोनों देश 100 मेगावॉट का एक न्यूक्लियर पॉवर प्लांट तैयार कर रहे हैं.
 
कंगाली में भी हथियार बना रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के आम नागरिक महंगाई से परेशान है. पिछले साल की तुलना में पाकिस्तान में दोगुनी मंहगाई बढ़ी है. जहां 2021 में पाकिस्तान में महंगाई दर 11.1 प्रतिशत दर्ज की गई थी वहीं इस साल की शुरुआत में ये 13.7 प्रतिशत दर्ज की गई है.

पाकिस्तान का आम आदमी महंगाई से परेशान है वहीं सेना अपने हथियारों की फेहरिस्त में तेजी से इजाफा कर रही है. पाकिस्तान हर तरह से अपने हथियारों के जरिए भारत को टक्कर देना चाहता है.    इसके अलावा पिछले कुछ समय से पाकिस्तान ईंधन की कमी से भी जूझ रहा है. जिसके चलते देश में हवाई उड़ाने भी प्रभावित हो रही हैं.                                                                                                                     

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