केरल ब्लास्ट का सच आया सामने! आरोपी ने इंटरनेट से सीखा बम बनाना, चर्च में लगाए थे 4 IED… खुफिया सूत्रों का खुलासा

Kerala Church Bomb Blast: पुलिस ने रविवार को सुझाव दिया था कि आईईडी को इकट्ठा करने के लिए एक टिफिन बॉक्स का इस्तेमाल किया गया था. अधिकारियों ने कहा कि मामले में और अधिक महत्वपूर्ण सबूतों का पता लगाने के लिए सोमवार को अधिक टेस्ट किए जाएंगे और कन्वेंशन सेंटर की तलाशी ली जाएगी.

Arunima&Neethu Reghkumar/नई दिल्लीः रविवार सुबह केरल के एर्नाकुलम जिले के कलामासेरी इलाके में यहोवा के साक्षियों की सभा में हुए विस्फोट ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. कथित तौर पर इस ब्लास्ट को अंजाम देने वाला आरोपी भी गिरफ्तार हो चुका है. वहीं अब जानकारी मिली है कि चर्च में विस्फोट के लिए चार आईईडी का इस्तेमाल किया गया था. जांच एजेंसियों के सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को इसकी पुष्टि की है. अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक फॉरेंसिक विश्लेषण के अनुसार, आईईडी निम्न श्रेणी के विस्फोटकों से बने थे और इसे आग लगाने वाला उपकरण बनाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया था.

एक जानकार अधिकारी ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि “प्रथम दृष्टया, ऐसा लगता है कि विस्फोटक उसी प्रकार के थे जिनका उपयोग पटाखों में किया जाता था, लेकिन आगे की जांच में विस्फोट के किस्म की सही जानकारी मिलेगी. वहीं इस विस्फोट में पेट्रोल का इस्तेमाल करने के पीछे की मंशा प्रार्थन घर को जलाने की थी.” जांच टीमों ने घटनास्थल से बैटरी, तार, सर्किट और मोबाइल फोन बरामद किए हैं. अधिकारियों ने कहा कि जिस कंटेनर में बम इकट्ठा किया गया था उसका अभी तक पता नहीं चल पाया है.

पुलिस ने रविवार को सुझाव दिया था कि आईईडी को इकट्ठा करने के लिए एक टिफिन बॉक्स का इस्तेमाल किया गया था. अधिकारियों ने कहा कि मामले में और अधिक महत्वपूर्ण सबूतों का पता लगाने के लिए सोमवार को अधिक टेस्ट किए जाएंगे और कन्वेंशन सेंटर की तलाशी ली जाएगी. इस बीच, पुलिस जांच से पता चलता है कि डोमिनिक मार्टिन – मामले का मुख्य संदिग्ध जिसने विस्फोटों की जिम्मेदारी ली है – उसने अपने घर पर आईईडी इकट्ठा किया और बम बनाना सीखने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल किया. अधिकारियों ने कहा, “वह खाड़ी में एक फोरमैन था इसलिए उसे मशीनों का बुनियादी ज्ञान था. बाकी इंटरनेट से उसने जुटाया है.”

अब तक की जांच से पता चलता है कि छह साल पहले यहोवा के साक्षियों को छोड़ने वाले मार्टिन के लिए तत्काल कोई उकसावे की कार्रवाई नहीं की गई थी. अधिकारियों ने कहा, “मार्टिन ने न केवल सोशल मीडिया पर कबूल किया बल्कि पुलिस को वीडियो आदि जैसे सभी आत्म-दोषी सबूत भी मुहैया कराए.” जांच में केरल पुलिस को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के बम डेटा सेंटर द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है. एनएसजी की विस्फोट के बाद की विश्लेषण रिपोर्ट जल्द ही केंद्र के साथ साझा किए जाने की उम्मीद है.

रविवार से वेंटिलेटर पर रह रहे 12 वर्षीय बच्चे की सोमवार को मौत हो जाने के बाद विस्फोट में मरने वालों की संख्या तीन हो गई. अधिकांश अन्य जिनकी हालत गंभीर है, उन्हें भी जलने की चोटें आई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता हुआ नजर आ रहा है कि आईईडी में आग लगाने वाले उपकरण थे. केंद्रीय एजेंसियों का भी मानना ​​है कि मार्टिन ने ही धमाकों को अंजाम दिया है.

उसने पुलिस को बताया है कि वह यहोवा के साक्षियों द्वारा प्रचारित की जा रही विचारधारा से नाखुश था और इसलिए उसने हमले को अंजाम देने का फैसला किया. यहोवा के साक्षी’ ईसाइयों का एक समूह है जो प्रोटेस्टेंट के रूप में पहचान नहीं रखते हैं. यहोवा के साक्षी कैथोलिक चर्च की शिक्षाओं से असहमत हैं.

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