‘अमेरिका-कनाडा के मामले एक नहीं’, खालिस्तान समर्थकों की हत्या की साजिश के आरोपों पर बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

S Jaishankar: खालिस्तान समर्थकों की हत्या की साजिश के आरोपों को लेकर एस जयशंकर ने कहा कि अगर कोई देश हमें अपनी चिंता को लेकर कुछ आउटपुट देता है तो हम उस पर विचार करेंगे.

S Jaishankar On Pro-Khalistani  Attack Plot Allegations: संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान समर्थकों की हत्या की साजिश के हालिया आरोपों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दोनों मुद्दे एक जैसे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिकियों ने हमें कुछ बातें बताईं हैं. 

आरोपों के बीच अंतर बताते हुए उन्होंने रविवार (17 दिसंबर) को कहा कि भारत अन्य देशों की ओर से उठाए गए स्पेसिफिक मुद्दों पर गौर करने के लिए हमेशा तैयार है. उन्होंने कहा, “सिर्फ कनाडा ही नहीं, बल्कि किसी भी देश को कोई चिंता है और वह हमें उस चिंता के लिए कुछ इनपुट या कुछ आधार देता है तो हम उस पर विचार करने के लिए हमेशा तैयार है. सभी देश ऐसा करते हैं.”

‘अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आती हैं चुनौतियां’
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक विदेशमंत्री ने कहा कि अमेरिकियों ने कुछ मुद्दे उठाए, लेकिन जरूरी नहीं कि दोनों मुद्दे एक जैसे हों. जब उन्होंने वह मुद्दा उठाया तो अमेरिकियों ने हमें कुछ खास बातें बताईं. अंतरराष्ट्रीय संबंधों में समय-समय पर ऐसी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं. इसलिए हमने कनाडाई लोगों से कहा है कि देखिए यह आप पर निर्भर है कि आप क्या चाहते हैं, हम इसे आगे बढ़ाएं, आगे इस पर गौर करें या नहीं,”  

निखिल गुप्ता पर लगे आरोप 
उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत से खालिस्तान अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नून को मारने की असफल कथित साजिश की जांच में सहायता करने को कहा है. अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने निखिल गुप्ता नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ अभियोग दायर किया है.

इसमें भारत सरकार के एक कर्मचारी पर खालिस्तान समर्थक अलगाववादी को मारने के लिए पेड किलर को नियुक्त करने के  आरोप लगाया गया है. जवाब में विदेश मंत्रालय ने अपने सरकारी अधिकारी के कथित साजिश से जुड़े होने पर चिंता व्यक्त की.

अमेरिका की चिंताओं की जांच करेगा भारत
रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने की शुरुआत में भारत ने कहा था कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से उठाई गई चिंताओं की जांच करेगा. इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच कई बार चर्चा हो चुकी है. केंद्र सरकार ने इस मामले में जांच कमेटी गठित कर दी है.

30 जून को हुई थी गुप्ता की गिरफ्तारी
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, गुप्ता को अमेरिका के अनुरोध पर 30 जून को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था. अमेरिकी सरकार ने इस महीने की शुरुआत में पांच भारतीय-अमेरिकी सांसदों को गुप्ता के अभियोग के बारे में जानकारी दी थी. 

मामले में अमेरिका ने कहा, “हम हत्या की साजिश की जांच के लिए जांच समिति की भारत सरकार की घोषणा का स्वागत करते हैं, और यह महत्वपूर्ण है कि भारत पूरी तरह से जांच करे, भारत सरकार के अधिकारियों सहित जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराए और आश्वासन दे कि ऐसा दोबारा नहीं होगा.” 

कनाडा ने भारत पर लगाया था आरोप
हाल ही में कनाडा ने भारतीय एजेंटों पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की योजना बनाने का आरोप लगाया था, जिससे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में खटास आ गई थी. हालांकि, भारत ने आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि कनाडा ने आरोपों को लेकर कोई सबूत नहीं दिया.

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